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Hindi Vyakaran |
सीखें सम्पूर्ण हिंदी
व्याकरण
7 खंड, 45 विषय — परिभाषा, भेद, उदाहरण और अभ्यास, सब कुछ सरल हिंदी में। पूरी Hindi grammar book PDF में मुफ़्त डाउनलोड भी करें।
सात खंड
भाषा और व्याकरण (Language & Grammar)
भाषा क्या है, व्याकरण क्यों आवश्यक है, और हिंदी भाषा का स्वरूप।
वर्ण विचार (Phonology)
ध्वनि और वर्ण का अध्ययन — वर्णमाला, स्वर, व्यंजन, संधि, उच्चारण और विराम चिह्न।
शब्द विचार (Morphology)
शब्दों के भेद और रूप — संज्ञा, सर्वनाम, क्रिया, विशेषण, कारक, काल, समास।
वाक्य विचार (Syntax)
वाक्य की रचना, भेद, पदबंध, उपवाक्य, वाक्य-परिवर्तन और वाक्य-शुद्धि।
शब्द भंडार (Vocabulary)
पर्यायवाची, विलोम, अनेकार्थी शब्द, मुहावरे और लोकोक्तियाँ।
काव्य और अलंकार (Poetics)
काव्य का सौंदर्य — रस, छंद, अलंकार और शब्द शक्ति।
रचना (Composition)
लिखने की कला — निबंध, पत्र, संवाद, अनुच्छेद और संक्षेपण।
हर विषय में क्या मिलेगा
- परिभाषा
- हर विषय की शुरुआत एक स्पष्ट परिभाषा से, जो एक ही वाक्य में पूरी बात कह दे।
- भेद
- हर भेद अलग शीर्षक के साथ, ताकि सीधे उसी भेद पर पहुँचा जा सके।
- उदाहरण
- हर नियम के साथ उदाहरण — शब्द और पूरे वाक्य, दोनों रूपों में।
- अभ्यास
- अंत में प्रश्न, जिनके उत्तर स्वयं सोचने के बाद ही खुलते हैं।
कहाँ से शुरू करें?
यदि पहली बार पढ़ रहे हैं, तो वर्ण विचार से आरंभ करें। शब्दों के रूप और भेद समझने हों, तो सीधे शब्द विचार पर जाएँ।
हिंदी व्याकरण (Hindi Vyakaran) — सम्पूर्ण ऑनलाइन संदर्भ
व्याकरण वह शास्त्र है जो भाषा को शुद्ध रूप में बोलने, पढ़ने और लिखने के नियम बताता है। हिंदी व्याकरण इन्हीं नियमों को एक क्रम में रखता है — ध्वनि से शब्द, शब्द से वाक्य, और वाक्य से पूरी रचना तक। यह वेबसाइट उसी क्रम को ऑनलाइन लाती है: 7 खंड, 45 विषय, और हर विषय अपने अलग पृष्ठ पर — परिभाषा से लेकर अभ्यास-प्रश्नों तक। सारी सामग्री निःशुल्क है और पढ़ने के लिए किसी पंजीकरण की आवश्यकता नहीं।
इंटरनेट पर Hindi grammar की सामग्री प्रायः बिखरी हुई मिलती है — कहीं केवल परिभाषा, कहीं केवल प्रश्नोत्तर, और कहीं सत्तर विषय एक ही लंबे पृष्ठ पर ठूँसे हुए, जहाँ अपनी ज़रूरत की बात खोजना ही सबसे कठिन काम हो जाता है। यहाँ हर विषय का अपना पता है, अपनी विषय-सूची है और अपनी PDF है, ताकि जिसे संधि चाहिए वह संधि तक पहुँचे — और जिसे पूरी किताब चाहिए, वह एक ही क्लिक में पूरी किताब ले जाए।
हिंदी व्याकरण के सात खंड
सामग्री उसी क्रम में बँटी है जिस क्रम में एक मुद्रित व्याकरण पुस्तक चलती है, क्योंकि वह क्रम मनमाना नहीं है — हर अगला खंड पिछले पर टिका होता है। भाषा और व्याकरण से आरंभ, जहाँ भाषा, लिपि और व्याकरण की मूल अवधारणाएँ स्पष्ट होती हैं। फिर वर्ण विचार, जिसमें वर्णमाला, स्वर-व्यंजन, उच्चारण, संधि, अनुस्वार-अनुनासिक और विराम चिह्न आते हैं। इसके बाद शब्द विचार — संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण, क्रिया, काल, वाच्य, लिंग, वचन, कारक, उपसर्ग, प्रत्यय और समास, जो व्याकरण का सबसे बड़ा और परीक्षाओं में सबसे अधिक पूछा जाने वाला भाग है।
आगे वाक्य विचार में वाक्य के भेद, पदबंध, उपवाक्य, पद-परिचय, वाक्य-परिवर्तन और वाक्य-शुद्धि आते हैं — यानी शब्दों को सही ढंग से जोड़ना। शब्द भंडार में पर्यायवाची, विलोम, अनेकार्थी, श्रुतिसम भिन्नार्थक शब्द, मुहावरे और लोकोक्तियाँ हैं, जो भाषा को समृद्ध करते हैं। काव्य और अलंकार में रस, छंद, अलंकार और शब्द शक्ति का विवेचन है, और अंत में रचना खंड — निबंध, पत्र, संवाद, अनुच्छेद और संक्षेपण — जहाँ पढ़ा हुआ व्याकरण लिखने में उतरता है।
एक विषय पृष्ठ किस तरह लिखा गया है
हर पृष्ठ एक ही ढाँचे पर चलता है, ताकि पाठक को हर बार नया पृष्ठ पढ़ना न सीखना पड़े। सबसे ऊपर एक स्पष्ट परिभाषा, जो एक ही वाक्य में पूरी बात कह दे। उसके नीचे भेद — हर भेद अपने शीर्षक के साथ, ताकि सीधे उसी भेद पर पहुँचा जा सके। फिर उदाहरण, केवल शब्दों के नहीं बल्कि पूरे वाक्यों के भी, क्योंकि नियम वाक्य में ही समझ आता है। और अंत में अभ्यास — ऐसे प्रश्न जिनके उत्तर स्वयं सोचने के बाद ही खुलते हैं, क्योंकि उत्तर सामने पड़ा हो तो अभ्यास अभ्यास नहीं रहता।
इसके साथ हर पृष्ठ पर उस विषय की विषय-सूची, संबंधित विषयों की कड़ियाँ और आगे-पीछे के विषय तक जाने के लिंक रहते हैं। एक व्याकरण शब्दकोश भी है, जिसमें पारिभाषिक शब्दों के एक-पंक्ति अर्थ मिलते हैं — जब पूरा विषय नहीं, बस इतना जानना हो कि "विभक्ति" या "तत्सम" का अर्थ क्या है।
Hindi Vyakaran PDF — पूरी किताब एक फ़ाइल में
पढ़ाई हमेशा ऑनलाइन नहीं होती, इसलिए यहाँ की सारी सामग्री Hindi vyakaran PDF के रूप में भी उपलब्ध है। PDF पृष्ठ से पूरी hindi grammar book PDF एक ही फ़ाइल में डाउनलोड की जा सकती है, जिसमें सातों खंड और सभी 45 विषय अपने क्रम में हैं। जिसे पूरी किताब नहीं चाहिए, वह किसी एक विषय की अलग PDF भी उसी पृष्ठ से ले सकता है — संधि, समास, अलंकार या कोई भी और विषय।
ये फ़ाइलें A4 आकार में, छापने योग्य बनी हैं और देवनागरी फ़ॉन्ट फ़ाइल के भीतर ही सम्मिलित है, इसलिए किसी भी फ़ोन या कंप्यूटर पर अक्षर सही दिखते हैं। अभ्यास-प्रश्नों के उत्तर PDF में साथ दिए गए हैं, और वेबसाइट पर सामग्री बदलने पर PDF भी हर बार नए सिरे से बनती है — यानी hindi vyakaran pdf download करने पर वही मिलता है जो इस समय वेबसाइट पर है, कोई पुरानी प्रति नहीं। इन सबका कोई शुल्क नहीं है।
यह संदर्भ किनके लिए है
सबसे पहले विद्यार्थियों के लिए — कक्षा 6 से 12 तक के पाठ्यक्रम का हिंदी व्याकरण यहाँ लगभग पूरा आ जाता है, और इसी सामग्री पर प्रतियोगी परीक्षाओं का व्याकरण खंड भी टिका होता है। संधि, समास, कारक, अलंकार, रस, छंद, मुहावरे, पर्यायवाची और वाक्य-शुद्धि — जो विषय प्रश्नपत्रों में बार-बार लौटते हैं — यहाँ उदाहरण और अभ्यास सहित दिए गए हैं।
पर यह केवल परीक्षा की सामग्री नहीं है। शिक्षक इसे कक्षा की तैयारी में काम ले सकते हैं, लेखक और अनुवादक शुद्ध प्रयोग की जाँच के लिए, और वे सब पाठक जिन्हें बस इतना जानना है कि यह वाक्य सही है या नहीं। भाषा किसी की परीक्षा के लिए नहीं बनी — वह रोज़ बोली और लिखी जाती है, और व्याकरण उसी रोज़ के प्रयोग को साफ़ करता है।
पढ़ने का सही क्रम
यदि आप व्याकरण पहली बार पढ़ रहे हैं, तो वर्ण विचार से आरंभ करें — वर्णमाला, स्वर-व्यंजन और संधि। ध्वनि की समझ बने बिना संधि के नियम रटने पड़ते हैं, जबकि समझ के बाद वे स्वतः तर्कसंगत लगते हैं। इसके बाद शब्द विचार पर जाएँ, जो सबसे लंबा खंड है और जिसे धीरे-धीरे पढ़ना ही ठीक रहता है — एक दिन में संज्ञा, दूसरे दिन सर्वनाम।
वाक्य विचार तभी पढ़ें जब शब्दों के भेद स्पष्ट हो चुके हों, क्योंकि पद-परिचय और वाक्य-शुद्धि दोनों उसी ज्ञान पर खड़े हैं। शब्द भंडार, अलंकार और रचना को अंत के लिए रखें — ये तीनों पढ़ने से अधिक अभ्यास से आते हैं। और हर विषय के अंत में दिए अभ्यास-प्रश्नों को छोड़ें नहीं: व्याकरण पढ़ लेने और व्याकरण आ जाने के बीच का अंतर वहीं तय होता है।
सामान्य प्रश्न
- हिंदी व्याकरण किसे कहते हैं? (Hindi vyakaran kise kahate hain)
- हिंदी भाषा को शुद्ध रूप में बोलने, पढ़ने और लिखने के नियमों के व्यवस्थित शास्त्र को हिंदी व्याकरण कहते हैं। यह वर्ण, शब्द, वाक्य और रचना — इन चार स्तरों पर भाषा के नियम बताता है, अर्थात् ध्वनि कैसे बनती है, शब्द कैसे बदलते हैं, और शब्द मिलकर शुद्ध वाक्य कैसे बनाते हैं।
- What is vyakaran in Hindi?
- Vyakaran (व्याकरण) is the Hindi word for grammar — the systematic set of rules that govern how a language is correctly spoken, read and written. Hindi vyakaran studies the language at four levels: varn vichar (sounds and letters), shabd vichar (words and their forms), vakya vichar (sentences) and rachna (composition).
- हिंदी व्याकरण के जनक कौन हैं? (Hindi vyakaran ke janak kaun hai)
- हिंदी व्याकरण का जनक सामान्यतः पं. कामताप्रसाद गुरु को माना जाता है, जिनकी पुस्तक "हिन्दी व्याकरण" (1920) हिंदी का पहला व्यवस्थित और प्रामाणिक व्याकरण ग्रंथ मानी जाती है। इससे पहले 12वीं शताब्दी में दामोदर पंडित की "उक्ति-व्यक्ति-प्रकरण" तथा 1796 में जॉन गिलक्राइस्ट का "A Grammar of the Hindoostanee Language" आरंभिक प्रयास थे।
- हिंदी व्याकरण के कितने भेद होते हैं?
- हिंदी व्याकरण के मुख्यतः चार भेद (अंग) होते हैं — वर्ण विचार, शब्द विचार, वाक्य विचार और छंद विचार। वर्ण विचार में वर्णमाला, स्वर-व्यंजन और संधि; शब्द विचार में संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण, क्रिया, समास और उपसर्ग-प्रत्यय; वाक्य विचार में वाक्य के भेद, पद-परिचय और वाक्य-शुद्धि; तथा छंद विचार में छंद, रस और अलंकार पढ़े जाते हैं।
- What is karak in Hindi grammar?
- Karak (कारक) is the grammatical relation between a noun or pronoun and the verb of a sentence — roughly what case marking does in English grammar. Hindi has eight karak: karta (कर्ता, subject), karm (कर्म, object), karan (करण, instrument), sampradan (सम्प्रदान, recipient), apadan (अपादान, separation), sambandh (सम्बन्ध, relation), adhikaran (अधिकरण, location) and sambodhan (सम्बोधन, address). Each is marked by its own vibhakti or parsarg, such as ne, ko, se, ke liye, ka/ke/ki and mein/par.
- What is karm in Hindi grammar?
- Karm karak (कर्म कारक) is the object of a sentence — the person or thing on which the action of the verb falls. Its vibhakti is "को", though it is often left unmarked: in "राम ने पत्र लिखा" the karm is पत्र, and in "राम ने मोहन को बुलाया" it is मोहन. To find the karm, ask क्या or किसको of the verb.
- हिंदी व्याकरण में सबसे पहले क्या पढ़ना चाहिए?
- सबसे पहले वर्ण विचार पढ़ना चाहिए — वर्णमाला, स्वर और व्यंजन, फिर संधि। ध्वनि और वर्ण की समझ के बिना शब्द-रूप समझ नहीं आते। इसके बाद शब्द विचार (संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण, क्रिया) और तब वाक्य विचार पढ़ें। शब्द भंडार, अलंकार और रचना अंत के लिए रखें, क्योंकि वे पढ़ने से अधिक अभ्यास से आते हैं।
- शुरू से व्याकरण कैसे सीखें?
- शुरू से व्याकरण सीखने का सरल क्रम यह है — पहले वर्णमाला और उच्चारण, फिर संधि, फिर शब्दों के भेद (संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण, क्रिया, कारक), उसके बाद वाक्य रचना और वाक्य-शुद्धि, और अंत में समास, मुहावरे, पर्यायवाची, अलंकार तथा रस-छंद। हर विषय की परिभाषा और भेद पढ़ने के बाद उदाहरण देखें और अभ्यास-प्रश्न स्वयं हल करें — व्याकरण पढ़ लेने और व्याकरण आ जाने के बीच का अंतर वहीं तय होता है।
इस साइट के बारे में
सम्पूर्ण हिंदी व्याकरण PDF
सातों खंड एक ही फ़ाइल में — विषय-सूची, क्रमबद्ध अध्याय और हर विषय के अभ्यास-प्रश्न उत्तर सहित। छापने योग्य A4 पृष्ठ।