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वाक्य विचार (Syntax)

उपवाक्य (Clause)

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वाक्य का वह अंश जिसमें अपनी क्रिया हो, उपवाक्य है। आश्रित उपवाक्य के तीन भेद — संज्ञा, विशेषण और क्रियाविशेषण उपवाक्य।

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मिश्र वाक्य में एक से अधिक क्रियाएँ होती हैं, और हर क्रिया अपने साथ एक छोटा वाक्य-सा अंश लेकर चलती है। उसी अंश को उपवाक्य कहते हैं।

पहचानिए

मैं जानता हूँ कि वह ईमानदार है।

यहाँ दो क्रियाएँ हैं — जानता हूँ और है। इसलिए दो उपवाक्य हैं:

मैं जानता हूँ — मुख्य उपवाक्य

कि वह ईमानदार है — आश्रित उपवाक्य

उपवाक्य के प्रकार

मुख्य उपवाक्य

जो उपवाक्य स्वतंत्र हो और किसी दूसरे पर आश्रित न हो। उसमें वाक्य की मुख्य क्रिया रहती है और वह अकेला भी पूरा वाक्य बन सकता है।

आश्रित उपवाक्य

जो उपवाक्य मुख्य उपवाक्य पर आश्रित हो और अकेला पूरा अर्थ न दे। यह प्रायः कि, जो, जब, यदि, क्योंकि जैसे योजकों से आरंभ होता है।

उदाहरण

जो परिश्रम करता है (आश्रित), वह सफल होता है (मुख्य)।

यदि वर्षा होगी (आश्रित), तो फ़सल अच्छी होगी (मुख्य)।

आश्रित उपवाक्य के भेद

आश्रित उपवाक्य मुख्य उपवाक्य में जो भूमिका निभाता है, उसी के आधार पर उसके तीन भेद हैं।

1. संज्ञा उपवाक्य

जो आश्रित उपवाक्य मुख्य उपवाक्य की संज्ञा का काम करे — अर्थात् कर्ता या कर्म के स्थान पर आए। यह प्रायः कि से आरंभ होता है।

उदाहरण

मैं जानता हूँ कि वह कल आएगा

उसने कहा कि मैं निर्दोष हूँ

जो कुछ उसने कहा सत्य निकला।

पहचान: क्रिया से क्या? पूछिए। मैं जानता हूँ — क्या जानता हूँ? कि वह कल आएगा। उत्तर में जो आए, वह संज्ञा उपवाक्य है।

2. विशेषण उपवाक्य

जो आश्रित उपवाक्य मुख्य उपवाक्य की किसी संज्ञा या सर्वनाम की विशेषता बताए। यह प्रायः जो, जिसका, जिसे, जिसने से आरंभ होता है।

उदाहरण

वह लड़का, जो कल आया था, मेरा मित्र है।

यह वही पुस्तक है जिसे मैं खोज रहा था

जिसने परिश्रम किया, उसे फल मिला।

पहचान: यह किसी संज्ञा के ठीक पीछे या आगे लगकर बताता है कि कौन-सा — जैसे विशेषण करता है।

3. क्रियाविशेषण उपवाक्य

जो आश्रित उपवाक्य मुख्य क्रिया की विशेषता बताए — कब, कहाँ, क्यों, कैसे, किस शर्त पर। इसके कई उपभेद हैं।

उपभेदयोजकउदाहरण
कालवाचकजब, ज्यों ही, जब तकजब वर्षा हुई, तब किसान प्रसन्न हुए।
स्थानवाचकजहाँ, जिधरजहाँ चाह है, वहाँ राह है।
कारणवाचकक्योंकि, इसलिए किवह नहीं आया क्योंकि वह बीमार था
संकेतवाचकयदि, अगर, जोयदि तुम पढ़ोगे, तो उत्तीर्ण हो जाओगे।
उद्देश्यवाचकताकि, जिससे किवह दौड़ा ताकि गाड़ी पकड़ सके
परिमाणवाचकजितना, जैसाजैसा बोओगे, वैसा काटोगे।

उपवाक्य और पदबंध

आधारपदबंधउपवाक्य
क्रियाअपनी क्रिया नहीं होतीअपनी क्रिया होती है
रूपशब्द-समूहछोटा वाक्य-सा
उदाहरणनीली पगड़ी वाला आदमीजो नीली पगड़ी पहने है

अभ्यास

उत्तर देखने से पहले स्वयं सोचें।

  1. उपवाक्य किसे कहते हैं?

    उत्तरवाक्य के उस अंश को उपवाक्य कहते हैं जिसमें अपना उद्देश्य और अपना विधेय हो, पर जो पूरे वाक्य का एक भाग हो।

  2. किसी वाक्य में उपवाक्यों की संख्या कैसे गिनी जाती है?

    उत्तरक्रियाएँ गिनकर। वाक्य में जितनी समापिका क्रियाएँ होंगी, उतने ही उपवाक्य होंगे।

  3. मुख्य और आश्रित उपवाक्य में अंतर बताइए।

    उत्तरमुख्य उपवाक्य स्वतंत्र होता है, उसमें वाक्य की मुख्य क्रिया रहती है और वह अकेला भी पूरा वाक्य बन सकता है। आश्रित उपवाक्य मुख्य उपवाक्य पर निर्भर रहता है, अकेला पूरा अर्थ नहीं देता, और प्रायः कि, जो, जब, यदि जैसे योजकों से आरंभ होता है।

  4. आश्रित उपवाक्य के तीन भेद कौन-से हैं? प्रत्येक का एक उदाहरण दीजिए।

    उत्तरसंज्ञा उपवाक्य — “मैं जानता हूँ कि वह कल आएगा।” विशेषण उपवाक्य — “यह वही पुस्तक है जिसे मैं खोज रहा था।” क्रियाविशेषण उपवाक्य — “जब वर्षा हुई, तब किसान प्रसन्न हुए।”

  5. “जहाँ चाह है, वहाँ राह है” में आश्रित उपवाक्य छाँटकर उसका भेद बताइए।

    उत्तरआश्रित उपवाक्य — “जहाँ चाह है”। यह स्थानवाचक क्रियाविशेषण उपवाक्य है, क्योंकि यह मुख्य क्रिया के विषय में बताता है कि कहाँ।

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