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शब्द भंडार (Vocabulary)

पर्यायवाची शब्द (Synonyms)

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समान अर्थ देने वाले शब्दों को पर्यायवाची कहते हैं। पूर्ण पर्याय दुर्लभ है — प्रसंग ही सही शब्द तय करता है।

आधार आरंभिक अवधारणा अंतिम बदलाव
इस पृष्ठ में

सूर्य, रवि, भानु, दिनकर — चार शब्द, एक ही वस्तु। ऐसे शब्दों को पर्यायवाची कहा जाता है। पर्याय का अर्थ है — बदलकर आने वाला।

पर्यायवाची शब्द भाषा को दो चीज़ें देते हैं। पहली, पुनरावृत्ति से बचाव — एक ही अनुच्छेद में सूर्य चार बार लिखने के बजाय लेखक रवि और दिवाकर भी लिख सकता है। दूसरी, और अधिक महत्त्वपूर्ण, अर्थ की सूक्ष्मता — क्योंकि दो पर्यायवाची कभी पूरी तरह एक जैसे नहीं होते।

प्रकृति से संबंधित

शब्दपर्यायवाची
सूर्यरवि, भानु, दिनकर, दिवाकर, आदित्य, प्रभाकर, मार्तंड
चंद्रमाचंद्र, शशि, राकेश, मयंक, सुधाकर, निशाकर, इंदु
आकाशगगन, नभ, व्योम, अंबर, आसमान, अंतरिक्ष
पृथ्वीधरा, धरती, भूमि, वसुधा, अवनि, मही, वसुंधरा
जलनीर, पानी, वारि, तोय, सलिल, अंबु, उदक
अग्निआग, अनल, पावक, वह्नि, हुताशन, कृशानु
वायुपवन, हवा, समीर, अनिल, मारुत, समीरण
बादलमेघ, जलद, घन, नीरद, वारिद, पयोद
नदीसरिता, तटिनी, तरंगिणी, आपगा, निर्झरिणी
समुद्रसागर, जलधि, रत्नाकर, पयोधि, वारिधि, उदधि
पर्वतपहाड़, गिरि, शैल, नग, अचल, भूधर
वृक्षपेड़, तरु, विटप, द्रुम, पादप, रूख
रातरात्रि, निशा, रजनी, यामिनी, विभावरी
दिनदिवस, वासर, दिवा, अह

मनुष्य और संबंध

शब्दपर्यायवाची
मनुष्यमानव, नर, आदमी, इंसान, मनुज
स्त्रीनारी, महिला, वनिता, रमणी, कामिनी
पुत्रबेटा, सुत, तनय, आत्मज, नंदन
पुत्रीबेटी, सुता, तनया, आत्मजा, दुहिता
मित्रसखा, सहचर, दोस्त, साथी, बंधु
शत्रुदुश्मन, रिपु, वैरी, अरि, प्रतिपक्षी
राजानृप, भूप, नरेश, महीपति, सम्राट, भूपाल
गुरुशिक्षक, आचार्य, अध्यापक, उपाध्याय
घरगृह, सदन, भवन, निकेतन, आलय, आवास
आँखनेत्र, चक्षु, नयन, लोचन, दृग, अक्षि

पशु-पक्षी

शब्दपर्यायवाची
हाथीगज, हस्ती, कुंजर, करी, द्विप, मतंग
घोड़ाअश्व, तुरंग, घोटक, हय, सैंधव
सिंहशेर, केसरी, मृगराज, वनराज, हरि, नाहर
पक्षीखग, विहग, द्विज, पखेरू, नभचर, शकुंत
कोयलकोकिल, पिक, श्यामा, वसंतदूत
सर्पसाँप, नाग, व्याल, भुजंग, विषधर, उरग

देवता और पौराणिक

शब्दपर्यायवाची
विष्णुनारायण, चक्रपाणि, केशव, माधव, गोविंद
शिवशंकर, महादेव, भोलेनाथ, नीलकंठ, रुद्र, त्रिलोचन
सरस्वतीशारदा, वाणी, भारती, वागीश्वरी, गिरा
लक्ष्मीकमला, रमा, पद्मा, हरिप्रिया, श्री
गंगाभागीरथी, सुरसरि, देवनदी, जाह्नवी, मंदाकिनी
अमृतसुधा, पीयूष, सोम, अमिय

वस्तु और भाव

शब्दपर्यायवाची
कमलजलज, पंकज, नीरज, सरोज, अरविंद, उत्पल
फूलपुष्प, सुमन, कुसुम, प्रसून
सोनास्वर्ण, कनक, हेम, कंचन, हिरण्य
इच्छाअभिलाषा, कामना, चाह, लालसा, आकांक्षा
क्रोधगुस्सा, रोष, कोप, अमर्ष
संसारजगत, विश्व, दुनिया, लोक, भव

प्रसंग ही शब्द चुनता है

पर्यायवाची शब्दों में अर्थ एक होते हुए भी भाव, स्तर और साथ अलग होते हैं।

वाक्य में

गृह, सदन, भवन, झोंपड़ी — चारों रहने का स्थान बताते हैं, पर आकार और भाव अलग है। राष्ट्रपति भवन कहा जाता है, राष्ट्रपति झोंपड़ी नहीं।

पिता जी गृह-प्रवेश पर आए — यहाँ गृह ठीक है।

पिता जी घर आए — यहाँ घर ठीक है, गृह लिखना कृत्रिम लगेगा।

तीन बातें इस चुनाव को तय करती हैं:

आधारउदाहरण
शब्द का स्रोतजल तत्सम है, पानी तद्भव — शैली के अनुसार चुनिए
रूढ़ प्रयोगमृगराज सिंह के लिए चलता है, नाहर अब प्रायः काव्य में ही
साथ आने वाले शब्दअश्वमेध बनता है, घोड़ामेध नहीं

अभ्यास

उत्तर देखने से पहले स्वयं सोचें।

  1. “पर्यायवाची शब्द आपस में कहीं भी बदले जा सकते हैं” — क्या यह कथन सही है?

    उत्तरनहीं। पर्यायवाची शब्दकोश में समान होते हैं, वाक्य में नहीं। “आँखों का पानी उतरना” को “आँखों का जल उतरना” नहीं कहा जा सकता, यद्यपि जल और पानी पर्यायवाची हैं।

  2. “कमल” के पाँच पर्यायवाची लिखिए।

    उत्तरजलज, पंकज, नीरज, सरोज, अरविंद (उत्पल भी)।

  3. “राष्ट्रपति भवन” में “भवन” के स्थान पर “झोंपड़ी” क्यों नहीं चल सकता, जबकि दोनों रहने का स्थान बताते हैं?

    उत्तरक्योंकि पर्यायवाची शब्दों में अर्थ समान होते हुए भी आकार, भाव और स्तर अलग होते हैं। भवन विशाल और गरिमामय स्थान का बोध कराता है, झोंपड़ी छोटे और साधारण स्थान का।

  4. “अग्नि” और “पावक” में से समाचार-पत्र की सामान्य रिपोर्ट में कौन-सा शब्द उपयुक्त होगा और क्यों?

    उत्तरअग्नि — क्योंकि पावक अब मुख्यतः काव्य-भाषा का शब्द है। शब्द का चुनाव प्रसंग और शैली से तय होता है।

  5. “सुत”, “तनय”, “आत्मज” किसके पर्यायवाची हैं? इनका स्त्रीलिंग रूप क्या होगा?

    उत्तरये तीनों “पुत्र” के पर्यायवाची हैं। इनके स्त्रीलिंग रूप क्रमशः सुता, तनया और आत्मजा हैं।

सम्बंधित विषय

Type the name in Devanagari or Roman — e.g. संज्ञा या sangya

हिंदी और रोमन — दोनों में खोजा जा सकता है।