मुख्य सामग्री पर जाएँ
Hindi vyakaran

रचना (Composition)

अनुच्छेद लेखन (Paragraph Writing)

Download PDF

एक ही विचार पर केंद्रित, बिना शीर्षकों के लिखा गया छोटा गद्यांश — निबंध का लघु और कसा हुआ रूप।

आधार आरंभिक अवधारणा अंतिम बदलाव
इस पृष्ठ में

अनुच्छेद निबंध का छोटा रूप नहीं है — वह एक अलग अनुशासन है। निबंध में विषय के अनेक पक्ष आते हैं; अनुच्छेद में केवल एक विचार आता है और वही पूरा खुलता है।

सामान्यतः इसका विस्तार अस्सी से एक सौ बीस शब्द रहता है, और यह एक ही खंड में लिखा जाता है — न उपशीर्षक, न बिंदु-सूची।

अनुच्छेद के तीन भाग

भागकाम
विषय वाक्यपहला वाक्य, जो मुख्य विचार बता दे
विस्तारतर्क, उदाहरण या कारण से उसी विचार की पुष्टि
समापन वाक्यविचार को समेटता अंतिम वाक्य

अनुच्छेद और निबंध में अंतर

आधारअनुच्छेदनिबंध
विस्तार80–120 शब्दकई पृष्ठ
विचारएक हीअनेक पक्ष
खंडएकअनेक अनुच्छेद
शीर्षक-उपशीर्षकनहींसंभव
उपसंहारएक वाक्यपूरा अनुच्छेद

लिखने की विधि

  1. विषय को एक वाक्य में सीमित कीजिए — यही विषय वाक्य बनेगा।
  2. उस वाक्य के समर्थन में तीन या चार बिंदु मन में तय कर लीजिए।
  3. बिंदुओं को तर्क के क्रम में जोड़िए, अलग-अलग न रखिए।
  4. अंतिम वाक्य में विचार को समेट दीजिए, नया प्रश्न न खोलिए।

नमूना अनुच्छेद

नमूना — समय का सदुपयोग

समय संसार की एकमात्र ऐसी संपत्ति है जिसे न संचित किया जा सकता है, न लौटाया जा सकता है। धन खोकर पुनः कमाया जा सकता है, स्वास्थ्य बिगड़कर फिर सुधारा जा सकता है, किंतु बीता हुआ क्षण किसी भी मूल्य पर वापस नहीं आता। जिन लोगों ने जीवन में कुछ उल्लेखनीय किया है, उनकी सफलता का रहस्य असाधारण प्रतिभा से कहीं अधिक समय के नियोजित उपयोग में रहा है। प्रतिदिन का एक निश्चित क्रम, कार्यों की प्राथमिकता और आलस्य से दूरी — यही तीन बातें साधारण व्यक्ति को भी असाधारण परिणाम तक पहुँचा देती हैं। इसलिए समय का सदुपयोग कोई उपदेश नहीं, सफल जीवन की पहली शर्त है।

देखिए कि पहला वाक्य ही पूरा विचार रख देता है, बीच के वाक्य उसे सिद्ध करते हैं, और अंतिम वाक्य उसे समेटता है — कोई नया विषय नहीं खुलता।

एक और नमूना

नमूना — पुस्तकालय का महत्त्व

पुस्तकालय वह स्थान है जहाँ एक साधारण पाठक भी सैकड़ों विद्वानों से एक साथ मिल सकता है। हर पुस्तक किसी न किसी व्यक्ति के वर्षों के अनुभव का निचोड़ होती है, और पुस्तकालय ऐसे अनुभवों का संग्रह है। जिस विद्यार्थी के पास अपनी पुस्तकें खरीदने के साधन नहीं होते, उसके लिए यह ज्ञान का एकमात्र द्वार बन जाता है। यहाँ मिलने वाला मौन भी उतना ही मूल्यवान है, क्योंकि एकाग्रता के बिना पढ़ा हुआ टिकता नहीं। इसीलिए किसी नगर की सच्ची समृद्धि उसके बाज़ारों से नहीं, उसके पुस्तकालयों से आँकी जानी चाहिए।

बचने योग्य दोष

दोषकारण
एक से अधिक विचारअनुच्छेद बिखर जाता है
भूमिका बाँधनासीमित शब्दों में स्थान नहीं बचता
बिंदु-सूची बनानाअनुच्छेद प्रवाहमान गद्य होता है
अंत में नया प्रश्नविचार अधूरा लगने लगता है
शब्द-सीमा से बहुत अधिकअनुच्छेद निबंध बन जाता है

अभ्यास

उत्तर देखने से पहले स्वयं सोचें।

  1. अनुच्छेद और निबंध में मुख्य अंतर क्या है?

    उत्तरअनुच्छेद एक ही विचार पर केंद्रित होता है, एक ही खंड में लिखा जाता है और प्रायः 80 से 120 शब्दों का होता है। निबंध में विषय के अनेक पक्ष आते हैं और वह कई अनुच्छेदों में फैला होता है।

  2. विषय वाक्य किसे कहते हैं और वह कहाँ आना चाहिए?

    उत्तरवह वाक्य जो अनुच्छेद का मुख्य विचार बता देता है। यह पहले ही वाक्य में आना चाहिए, क्योंकि अनुच्छेद में भूमिका बाँधने का स्थान नहीं होता।

  3. अनुच्छेद में बिंदु-सूची या उपशीर्षक क्यों नहीं लिखे जाते?

    उत्तरक्योंकि अनुच्छेद प्रवाहमान गद्य की एक इकाई है। सूची और उपशीर्षक उसे तोड़ देते हैं, जिससे वह अनुच्छेद न रहकर टिप्पणी बन जाता है।

  4. अनुच्छेद के अंत में नया प्रश्न उठाना क्यों दोष है?

    उत्तरक्योंकि समापन वाक्य का काम विचार को समेटना है। नया प्रश्न उठने पर अनुच्छेद पूर्ण होने के बजाय अधूरा लगने लगता है।

  5. शब्द-सीमा को बंधन क्यों नहीं मानना चाहिए?

    उत्तरक्योंकि वह अभ्यास का उपकरण है। एक विचार को सौ शब्दों में कह पाना उसे हज़ार शब्दों में फैलाने से कठिन है, और यही कठिनाई कसा हुआ लिखना सिखाती है।

सम्बंधित विषय

Type the name in Devanagari or Roman — e.g. संज्ञा या sangya

हिंदी और रोमन — दोनों में खोजा जा सकता है।