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शब्द विचार (Morphology)

पद परिचय (Parsing)

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वाक्य में प्रयुक्त प्रत्येक पद का पूरा व्याकरणिक विवरण देना पद परिचय कहलाता है।

उन्नत गहन अध्ययन अंतिम बदलाव
इस पृष्ठ में

यह खंड का अंतिम विषय है, और सबसे व्यावहारिक भी। संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण, क्रिया, लिंग, वचन, कारक और काल — अब तक जो कुछ अलग-अलग पढ़ा गया, पद परिचय उसे एक साथ लगाकर देखने का अभ्यास है।

शब्द और पद में अंतर

यही वह भेद है जिससे पूरा विषय शुरू होता है।

जब तक कोई शब्द शब्दकोश में अकेला खड़ा है, वह केवल शब्द है। जैसे ही वह वाक्य में प्रयुक्त होकर अन्य शब्दों से संबंध जोड़ता है, वह पद बन जाता है।

तुलना कीजिए

लड़का — केवल शब्द (कोश में अकेला)

लड़के ने पत्र लिखा। — यहाँ लड़के पद है (कर्ता कारक, एकवचन)

किस पद का क्या बताना है

हर शब्द-भेद के लिए बताई जाने वाली बातें निश्चित हैं। यह तालिका ही पूरे विषय का सार है।

पदक्या-क्या बताएँ
संज्ञाभेद, लिंग, वचन, कारक, क्रिया से संबंध
सर्वनामभेद, पुरुष, लिंग, वचन, कारक, किसके लिए आया
विशेषणभेद, लिंग, वचन, विशेष्य
क्रियाभेद (सकर्मक/अकर्मक), काल, वाच्य, लिंग, वचन, पुरुष, कर्ता
क्रिया विशेषणभेद, किस क्रिया की विशेषता
संबंधबोधककिन शब्दों का संबंध जोड़ रहा है
समुच्चयबोधकभेद, किन्हें जोड़ रहा है
विस्मयादिबोधककौन-सा भाव प्रकट कर रहा है

एक वाक्य का पूरा पद परिचय

वाक्य

परिश्रमी राम ने कल अपनी नई पुस्तक ध्यान से पढ़ी।

परिश्रमी — विशेषण, गुणवाचक, पुल्लिंग, एकवचन; विशेष्य राम

राम — संज्ञा, व्यक्तिवाचक, पुल्लिंग, एकवचन, कर्ता कारक; पढ़ी क्रिया का कर्ता।

ने — परसर्ग (विभक्ति चिह्न), कर्ता कारक का।

कल — क्रिया विशेषण, कालवाचक; पढ़ी क्रिया की विशेषता।

अपनी — सर्वनाम, निजवाचक; स्त्रीलिंग, एकवचन; पुस्तक के लिए।

नई — विशेषण, गुणवाचक, स्त्रीलिंग, एकवचन; विशेष्य पुस्तक

पुस्तक — संज्ञा, जातिवाचक, स्त्रीलिंग, एकवचन, कर्म कारक; पढ़ी क्रिया का कर्म।

ध्यान से — क्रिया विशेषण, रीतिवाचक; पढ़ी क्रिया की विशेषता।

पढ़ी — क्रिया, सकर्मक, भूतकाल, कर्तृवाच्य, स्त्रीलिंग, एकवचन, अन्य पुरुष; कर्ता राम, कर्म पुस्तक

दूसरा उदाहरण

वाक्य

अरे! वे बच्चे बाहर बहुत तेज़ दौड़ रहे हैं।

अरे — विस्मयादिबोधक; आश्चर्य का भाव।

वे — सर्वनाम, निश्चयवाचक, अन्य पुरुष, पुल्लिंग, बहुवचन, कर्ता कारक; बच्चे के लिए।

बच्चे — संज्ञा, जातिवाचक, पुल्लिंग, बहुवचन, कर्ता कारक; दौड़ रहे हैं का कर्ता।

बाहर — क्रिया विशेषण, स्थानवाचक।

बहुत — क्रिया विशेषण, परिमाणवाचक; तेज़ की विशेषता (प्रविशेषण)।

तेज़ — क्रिया विशेषण, रीतिवाचक; दौड़ रहे हैं की विशेषता।

दौड़ रहे हैं — क्रिया, अकर्मक, वर्तमान काल (अपूर्ण), कर्तृवाच्य, पुल्लिंग, बहुवचन, अन्य पुरुष; कर्ता बच्चे

करने का क्रम

पद परिचय में भूल प्रायः जल्दबाज़ी से होती है। यह क्रम अपनाइए:

  1. पहले क्रिया पहचानिए — वही वाक्य का केंद्र है।
  2. क्रिया से कौन? पूछकर कर्ता निकालिए।
  3. क्रिया से क्या? पूछकर कर्म निकालिए।
  4. शेष पदों को उनके शब्द-भेद के अनुसार लीजिए।
  5. हर पद के अंत में उसका संबंध अवश्य बताइए — यही वह अंश है जो सबसे अधिक छूटता है।

अभ्यास

उत्तर देखने से पहले स्वयं सोचें।

  1. शब्द और पद में क्या अंतर है?

    उत्तरशब्दकोश में अकेला खड़ा शब्द केवल शब्द है। जब वह वाक्य में प्रयुक्त होकर अन्य शब्दों से संबंध जोड़ता है, तब वह पद बन जाता है — और प्रायः अपना रूप भी बदल लेता है, जैसे “लड़का” से “लड़के ने”।

  2. संज्ञा का पद परिचय देते समय कौन-कौन सी बातें बतानी चाहिए?

    उत्तरभेद, लिंग, वचन, कारक और क्रिया से उसका संबंध।

  3. “राम ने पुस्तक पढ़ी” — यहाँ क्रिया स्त्रीलिंग क्यों है जबकि कर्ता पुल्लिंग है?

    उत्तरक्योंकि कर्ता के साथ “ने” परसर्ग लगा है। “ने” लगने पर क्रिया कर्ता के नहीं, कर्म के लिंग-वचन के अनुसार चलती है — यहाँ कर्म “पुस्तक” स्त्रीलिंग है, इसलिए “पढ़ी”।

  4. “सीता सुंदर गीत गाती है।” — “सुंदर” का पद परिचय दीजिए।

    उत्तरसुंदर — विशेषण, गुणवाचक, पुल्लिंग, एकवचन; विशेष्य “गीत”।

  5. पद परिचय करते समय सबसे पहले क्या पहचानना चाहिए और क्यों?

    उत्तरसबसे पहले क्रिया, क्योंकि वही वाक्य का केंद्र है। क्रिया से “कौन?” पूछकर कर्ता और “क्या?” पूछकर कर्म सरलता से निकल आते हैं।

सम्बंधित विषय

Type the name in Devanagari or Roman — e.g. संज्ञा या sangya

हिंदी और रोमन — दोनों में खोजा जा सकता है।